जीवन की कठिन राह में चलना हमको सिखाते।
अच्छाई की राह हमको अध्यापक ही बतलाते।।
जीवन वैसे बहुत जटिल था पर उन्होंने आसान बनाया।
मेरे जीवन बंजर भूमि पर उन्होंने उपवन सा सजाया।।
जीवन की कठिन डगर पर बड़ा सहारा उनका पाया।
कठिनाई से पार निकलना अध्यापक ने हमें बताया।।
जीवन में पड़े मुसीबत उनके ज्ञान काम आते।
अच्छाई की राह हमको अध्यापक ही बतलाते।।
मेरे जीवन का निर्माण उन्हीं से संभव हो पाया।
अंतर में ज्ञान के बीच उन्हीं के कारण वो पाया।।
मुझको मेरी असभ्यता से पूर्णतः मुझे सभ्य बनाया।
जीवन की उन्नत चोटी का सफर उन्हीं ने बतलाया।।
जीवन की हर मुश्किल को आसान वह बनाते।
अच्छाई की राह हमको अध्यापक ही बतलाते।।
नाम - विक्रांत राजपूत चम्बली
पता - ग्वालियर (मध्य प्रदेश)
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