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हर वक़्त दिल में एक अजनबी सी अहसास होती हैं
दिल धड़कने लगती हैं अपनी रफ्तार में साँसे बेचैन होतीहै
सोचती हूँ कौन ऐसा हैं जो मेरे दिल में तराने छेड़ रहा हैं
दिल से आवज़ आती हैं जो यहां रहने आया हैं
तेरे लिए वो दूर कही दुनिया से आया हैं......!!

गुजरती हवाओ में अब एक नशा सी महसूस करती हूँ
हो ना जाऊ किसी के नाम इस बात से भी डरती हूँ
ऐ दिल बस तू कोई गुस्ताखी ना कर बैठना
लगता हैं बहुत शातिर दिल हैं जो मेरे लिए दूर कही दुनिया से आया हैं...!!

कौन हैं ये अजनबी,कैसा हैं मुझे पता नहीं
धुंधला सा दीखता हैं ख़्वाबों में सामने कभी आता नहीं
ऐ दिल तू ही बता कैसा अहसास जुडा हैं उस अजनबी से
कैसा दीखता हैं वो जो मेरे लिए दूर कही दुनिया से आया हैं.....!!

जब वो मेरे लिए ही आया हैं, तो मुझसे मिलते क्यूँ नहीं
मर्ज़ी क्या हैं जनाब की अपने दिल की कहते क्यूँ नहीं
सोचती हूँ मैं ही पूछ लू गी आज उस परदेसी से 
क्या सच में नैना के लिए दूर कही दुनिया से आए हो....?
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