...❣️❣️❣️❣️❣️🥰

जबसे मिला है तेरा साथ
हर शाम सुहाना लगता है
हर जाम पूराना लगता है
आंखों में तेरा ही ख्वाब सजाना अच्छा लगता है

बिखरी - बिखरी सी थीं जिन्दगी मेरी
बहकी-बहकी सी थी जिन्दगी मेरी
पता नहीं था हंसी क्या होती है पता नहीं था जिन्दगी क्या होती है
जबसे मिला है तेरा साथ जिंदगी को संवारना अच्छा लगता है

लबों पे तेरा ही गीत गुनगुना अच्छा लगता है   
तेरे सामने अब तो चांद भी पुराना लगता है
जमाना भी दिवाना लगता है

तेरे दीदार को चांद तारे भी तरसते हैं 
बादलें भी बीन मौसम बरसते हैं
बहारें भी खुशी से झूमते है

जबसे मिला है तेरा साथ
हर पल तुझे देखना अच्छा लगता है
तुझे सोचना अच्छा लगता है तेरे संग जीना मरना अच्छा लगता है अच्छा लगता है 💗💗💗💗💗💗💗💗🥰

आपका :- अफ्फान "हाजिपुरी"🥰🙏🙏🙏