मेरे जीने की बजह तुम हो।
मेरी जिंदगी में नया रंग भरा।


हर पल को कुछ खास दिया।
तुमने मुझको अहसास दिया।


मातृत्व की सुखद अनुभूति दी ।
मुझको पूर्णता की पहचान मिली।


मेरे जीवन का आधार हो तुम।
मेरे जीने की प्यारी वज़ह हो तुम।


कितना कोमल नन्हा सा रूप ।
अंतरात्मा का संतुष्ट रूप।


माँ कहते मीठी वाणी से।
तीन लोक का सुख जीती।


बच्चों से जीवन सुखी हुआ।
मेरे जीने की वजह तुम्ही।।
---अनिता शर्मा झाँसी
----मौलिक रचना