ऐ, ज़िंदगी तू कितनी मुश्किलें,
    खड़ी करता है मेरी राह में........।
मैं भी इरादों की  हूँ पक्की,
आसान कर दूँगी सारी मुश्किलें
    जो आये मेरे सपनों की चाह में...।

      ऋचा✍