🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁
क्यूँ खामोश हो खुल कर हमसे दिल के कुछ बात करो
ऐसे गुम ना करो खुद को तन्हाई के आलम में अपनों से मुलाक़ात किया करो
हाँ माना की आसान नहीं होती सबसे दिल के बात कहना
लेकिन जनाब अपने दोस्तों से तो अपनी राज़ ना छूपाया करो...!!

अजनबी हूँ अभी तुम्हारे लिए हाँ ये मानती हूँ
जो माना हैं दोस्त तो चहरे को पढ़ना भी जानती हूँ
यक़ीनन मुश्किल हैं भरोसा करना किसी पर भी
लेकिन जो अपने हैं दिल के पास तुम्हारे उनपे तो यकीन किया करो....!!

हैं कोई शिकायत हमसे तो बेझिझक गिला किया करो
हैं कोई दर्द दिल में तो बयां करो, यूँ एकेले ना घुटन में जिया करो
दिल का रिश्ता एक ऐसा होता हैं,जो जन्मो के बाद भी नहीं टूटता
अब वक़्त हैं उभरने का तन्हाई से बाहर अपनों से मिला करो....!!

दुनिया बहुत खुदगर्ज हैं दोस्त जितना झुकोगे उतनी झुकायेगी
छीन लेगी हँसी होठों से, ज़िन्दगी भर गम में रुलायेगी
क्यूँ परवाह करते हो उनकी जो तुम्हारी खासियत की कद्र ना किया
आज जो हैं कल फिर बदलेगा, बीते हुए कल में ऐसे ना जिया करो....!!

जरुरी नहीं होती जो दूर से दीखता हैं वो नज़ारे सही हो
तुम अपनी दिलके तराने लिखो,जरुरी नहीं दुनिया के हर फ़साने सही हो 
छोड़ो ये मयूसीयत और मुस्कुरा कर खुद के लिए एक नई राह चुनो
भर जाएगी हर एक जख्म तुम्हारी नैना ऐसे ना तन्हा आँसू पिया करो....!!
🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁
नैना...✍️✍️🌺