बैसे तो मुझे राशिफल से ज्यादा विश्वास कर्मफल पर रहता है,
लेकिन सुन लेती हूँ कभी-कभी जो राशिफल कहता है।
कुम्भ राशि है मेरी चन्द्र लग्न में आते है,
गुरु और शुक्र है उच्च के जो सम्मान मुझे दिलाते है।
स्वतंत्र विचार वाली आदर्शवादी हूँ,
नफरत है झूठ से हमेशा सच ही बोलती हूँ।
करती हूँ सदैव सम्मान दूसरों का अपने सम्मान की अभिलाषी नही हूँ,
शायद इसीलिए सब कहते है कि मैं बहुत ही मृदुभाषी हूँ।करती हूँ किसी कार्य को तो जी जान लगा देती हूँ,
दूसरों से ज्यादा अपनी भावनाओं की सुनती हूँ।
कर लेती हूँ भरोसा जल्दी ही क्योंकि सबको अपना ही समझती हूँ,
दोस्तों की फेहरिस्त थोड़ी लम्बी है क्योंकि सरलता की कुंजी हूँ।
नाम पर भी विश्वास कम ही करती हूँ,
क्योंकि रामायण और भागवत दोनों ही पढ़ती हूँ।
एक ही अक्षर से शुरू नाम राम और रावण होते है,
लेकिन कर्मों से दोनों पहिचान अलग बनाते है।
एक धर्म की मूर्ति है दूसरा अधर्म का भंडार है,
इंसान की पहिचान का केवल कर्म ही आधार है।
कृष्ण और कंस में भी ज्यादा अंतर नही है,
बस इसी कारण राशि और नाम में मुझे भरोसा नही है।
कर्म ऐसे करो कि लोग तुम्हे अपना आदर्श मानने लगे,
पहिचान बनाओ अपनी अलग जो तुम्हे अच्छी लगे।।


शीला द्विवेदी "अक्षरा"