कभी-कभी मन खुद से कहता है,वक्त के साथ चलें चलो।जो वक्त का मूल्य समझता है वही आगे बढ़ जाता है।मेहनत करना आसान नहीं पर हर दिन तो आपका अपना है,फिर जो बीत गया उसके लिए क्या सोचना और क्यों उदास होना?दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति के साथ एक बार स्वयं से कहिये.....हर दिन आपका है😍सच समय बदलते देर नहीं लगती ।
   जो थक कर ,टूटकर उदास बैठ जाते हैं।वे एक बात याद रखें संघर्ष करने वाले ही आगे बढ़ते हैं....उस मुस्कान से सुन्दर और कुछ नहीं है जो आँसूओ से संघर्ष कराती है।
जो मुस्कुरा रहा है उसे दर्द ने पाला होगा,
जो चल रहा है उसके पाँव में छाला होगा।
बिना संघर्ष के इन्सान चमक नहीं सकता ,जो जलेगा उसी दिये में उजाला होगा।
  फिर हर दिन आपका है....संघर्ष में जुट जाओ।उदास होने के लिए उम्र पड़ी है ,नज़र उठाओ सामने जिन्दगी खड़ी है।
    एक सकारात्मक सोच और ठेर सारा आत्म विश्वास भर कर आगे बढ़िये हर दिन आपका इन्तजार कर रहा है।
उलझन को सुलझाना ही जीवन है,हर दिन तो आपका है।
😊🙏😊


----अनिता शर्मा झाँसी----मौलिक रचना---