एक खुशहाल जिन्दगी के लिए,
पवित्र रिश्तो की अहमियत का होना जरूरी है,
रिश्तो की कीमत समझना,
और रिश्तो की परवाह होने का भाव जरूरी है!
कभी कभी कुछ रिश्ते जीवन भर साथ निभाते है,
तो कुछ बीच राह में छोड जाते हैं!
हर सुख मे हर दुःख मे हर विकट परिस्थिति मे जो साथ निभाए वो अनोखे रिश्ते कहलाते हैं!
आसान है बहुत रिश्तो को बनाना,
पर ताउम्र उनको सहेज कर रखना नही आसान,
सीने मे दफन गलतियो को उनकी किए जाते है,
तब कही जाकर ये रिश्ते निभाए जाते हैं!
कोशिश में हूं कि संभाल सकूं रिश्तो की बारीक डोर को क्योंकि जिनको नही है अहसास,
रिश्तो की कीमत का वो सरेबाजार नीलाम रिश्ते किए जाते हैं!
श्वेता अरोडा

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