होता है हर घर में एक मजबूत इंसान,
जो सबकी खुशीयों का इच्छाओ का रखता है पूरा खयाल,
खुद मजदूर बनकर बच्चो को बनाता है धनवान,
खोलता है सबके सपने के द्वार,
बेटीयो की शादी, बेटो को तिजोरी,
कुछ ऐसे ही मुश्किलों भरे सफर से,
हर रोज गुजराता है वो इंसान,
गमों की भीड़ में हंसना सिखाऐ,
अपने दम पर तुफानो से लड़ना सिखाऐ
परिवार के हर सदस्य कि हिम्मत, विशवास और आस है,
बच्चों के मित्र, तो बुजुर्गों की लाठी है वो इंसान,
हर मुश्किल भरे राह मे पतवार बनकर खड़ा होता है,
खुद तारा बनकर सबको चांद सा रौशन करता है,
हर घर में होता है वो महान इंसानl
जिसे हम कहते हैं पापाl

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