मीरा बाई चानू का है नाम गगन में गुंज रहा ..!!
विश्व चैंपियन में परचम लहराना तेरा खूब रहा ...!!
रियो ओलंपिक की हार,बन गयी तेरी चुनौती ..!!
टोक्यो ओलंपिक में कर दिया देश का सपना साकार ..!!
उन्तालीस किलो का भार,इक्कीस सालों का था इंतजार ..!!
सजा दिया सिरमौर जहां में जन में है आज हर्ष अपार ...!!
देश की लाज बचाई तुमने, सजा रहे ये विजयताज ...!!
भारत मां की लाल दुलारी तुम हो बेटी इक सरताज...!!
जहाँ तक न पहुंची हो कल्पना किसी की
इरादे तुम्हारे हो उससे भी आगे ..
तुम्हे चांद पर जा के रुकना नहीं है, तुम्हारे हैं मंजिल सितारों के आगे..!!

1 टिप्पणियाँ