सेवा, समर्पण में संलग्न सभी चिकित्सकों को समर्पित
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अगर लगे तुमको कि
टूट रही साँसो की डोर
तू हिम्मत रख क्योंकि
रात लंबी है पर
सुबह की लालिमा
अब नहीं है दूर
डरपोक अंधेरा भागता
एक दीप के प्रकाश से
विश्वास रख अपने पर
हम - तुम मिलकर करें यत्न
सांसे भी अपनी लय से सुनाएगी सारंगी की प्यारी सी तान
क्यूँकि मथकर ले आयेंगे
हम अमृत फिर एक बार
टूटने नहीं देंगे साँसों का मधुर राग
रात लंबी है जरूर
लेकिन सवेरा भी अब दूर नहीं
- अतुलांजु

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