गर्मी आते ही ,लोग ठंडी तासीर की चीजें खोजते हैं,दही , मट्ठा,लस्सी,कोल्ड ड्रिंक, आइस क्रीम,जिससे शरीर डिहाइड्रेटेड होने से बचे और लू न लग पाए।
इसमें से कुछ तो आपकी सेहत का कबाड़ा बनाते हैं ,जैसे कोल्ड ड्रिंक, आइस क्रीम।
लस्सी आपको ठंडक तो देती है ,लेकिन शुगर के मरीजों के लिए नुकसान ।
तो ऐसा क्या पिएं ,जो स्फूर्ति भी दे,सस्ता भी हो,डायबिटीज के रोगियों के लिए रामबाण।
मोटापा भी कम करता हो,आयरन भी बढ़ाता है।

ये है सत्तू
 इसे गरीबों का हॉर्लिक्स भी कहते हैं।
ये विशेषकर चने और जौ का होता है।
इसे खाली पेट ,पीने से गर्मी में लू,नहीं लगती यह शरीर के तापमान को नियंत्रित रखता है। 

चने के सत्तू में मिनरल,आयरन,मैग्नीशियम,और फॉस्फोरस पाया जाता है।
जो शरीर की थकान मिटा कर इंस्टेंट एनर्जी देता है।
मोटापा से हमारी ज्यादातर आबादी ग्रसित है, फास्टफूड का चलन,डिब्बा बंद आहार , हमारी इंद्रियों को तो संतुष्ट करता हैं,लेकिन  हमें मोटापा और अन्य रोग भी देता है।

 सत्तू में संपूर्ण आहार के सारे तत्व विद्यमान होते हैं,इसे खाने के बाद भूख नहीं लगती जिससे
इसके सेवन से मोटापा कंट्रोल हो जाता ,जैसा कि सभी जानते हैं कि मोटापा बहुत सारे रोगों को आमंत्रित करता है।

डॉक्टर मानते हैं कि हमारी 90%आबादी  gastroentrotitis से पीड़ित  है।
हमारे रोजमर्रा  तनाव , आहार में ,तेल,मसालों ,मिर्च का सेवन करने से पेप्टिक ग्रंथि से पेप्टिक जूस का अधिक रिसाव होता है ,जो सेहत के लिए हानिकारक है।
सत्तू का सेवन इस रिसाव को कम करता है।

सत्तू में मौजूद बीटा ग्लूटेन शरीर में  बढ़ते ग्लूकोज के अवशोषण को कम करके ब्लड में शुगर लेवल को नियंत्रित करता है। 
एनीमिक व्यक्ति को ,रोजाना सत्तू को पानी में मिलाकर सेवन करना चाहिए।

सत्तू के इतने फायदे हैं कि ,हमारी संस्कृति में गर्मी आते ही ,सतुवान संक्रांति मनाई जाती है ,जिसमे सत्तू,आम , गुड़ से पूजा होती है ,गंगा स्नान होता है ,फिर दान किया जाता है।
अपने आहार ,में शामिल कर आप बहुत से रोगों से छुटकारा पा सकते हैं।