अगर ठान लो कुछ करने का 
तो हौसला राह दिखाती है 
एक अदना सी चींटी भी
खुद से ज्यादा भार उठाती है

चलती है आगे बढ़ती है
एक सीख हमें दे जाती है
जीवन मे कुछ भी असंभव नहीं
खुद पे हो भरोसा सिखाती है 

चाहे आगे पहाड़ हो 
बस शेर की एक दहाड़ हो 
छू लेगा तू चोटी को 
बस हिम्मत ही राह बनाती है

आगे बढ़ने का जतन करो 
मनन करो और प्रयत्न करो 
बार बार की कोशिश से 
चींटी मंजिल को पाती है 

वो रूकती नहीं कहीं पर भी 
बार बार गिरती है फिर बढ़ती है 
सिकंदर जैसे योद्धा को
प्रयत्न करने की सीख देती है

अगर ठान लो कुछ करने का 
तो हौसला राह दिखाती है 
एक अदना सी चींटी भी
खुद से ज्यादा भार उठाती है 

आपका मुकेश "लखनवी"