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अब कभी तुमसे कुछ नहीं कहुगी
बस जाते जाते मुझपे एक अहसान करदो
क्या झूठी थी तुम्हारी प्यार की कसमें
या हुई कोई खता हमसे बस इतना बता दो...!!
हमेशा बात करने में मुझसे तुम थकते नहीं थे
आज क्या हुआ जो खामोश हुए बैठे हो
हैं कोई मज़बूरी तेरा जाना या साज़िश थीं मुझे तड़पाना तेरा
या होगई कोई गुनाह हमसे बस इतना बता दो.....!!
इन होठों से अब कभी मुस्कुरा ना सकूँगी
कटेगी ज़िन्दगी लेकिन मैं जिन्दा ना रहूगी
क्यूँ जारहे हो वीरान करके महफिल जो चाहत में सजायी थीं
गर मैं नहीं हूँ काबिल तुम्हारे प्यार की तो वो भी बता दो..!!
तेरे प्यार के सिवा हमने कुछ नहीं चाहा तुमसे
ज़िन्दगी भर के लिए सजा दे दिया दिल लगाने की तुम हमसे
रोकूंगी नहीं जब तुझे जाना ही हैं गैरों की महफिल में
दुआ करती हूँ ओ बेवफा कमसे कम ऊन गैरों के साथ वफ़ा करो...!!
जब जब बहेगी आँसू इन नैनो से तेरे याद में
दिल के दर्द और भी गहरी होंगी तेरे प्यार के
दिया जो तोहफा ज़िन्दगी भर के तन्हाई मुझे
याद रखेगी नैना ज़िन्दगी भर तेरे ईस मेहरबानी को.....!!
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