जिंदगी को 
कुछ इस तरह जिया मैंने
जिंदगी को जो पसंद था 
वह दिया मैंने 
मनचाहा ना मिला
फिर भी जिंदगी को 
खुश किया मैंने 
जिंदगी की हां मिलाई हां मैंने 
फिर भी 
कुछ किरदार हो गए खफा 
तो क्या गलत किया मैंने 
मैं भागा 
पऱ रफ्ता रफ्ता चली जिंदगी 
पिछड़ गया जिंदगी में 
फिर भी हमेशा
जिंदगी को खुश किया मैंने।।


जया शर्मा