घर भर की प्यारी हमारी अम्मा देखो सबसे है न्यारी हमारी अम्मा
तनक सो मो और मीठो मीठो बोले देखो सबको है प्यारी हमारी अम्मा
बहू और बेटियां बढबे
खातिर देखो करती जतन है हमारी अम्मा
बिटिया और लड़का में भेद नहीं करती सब करें उन्नति यह चाहती अम्मा
महिला दिवस तो है एक दिन खातिर उनको हर दिन है महिला दिवस अम्मा
जिम्मेदारी की गठरी उम्मीद की पोटली खोल सबको बांटते हमारी अम्मा
भेदभाव जो करें हिंसा भी जो करें लेती डट के खबर है हमारी अम्मा
डॉ आशा श्रीवास्तव जबलपुर

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