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दिल को राहत मिलती हैं तेरे चाहत भरी पनाहो में
बसें हो सिर्फ तुम ही तुम मेरी प्यासी इन निगाहो में
आयी हैं चाँद लेकर तुम्हारी यादो की खूबसूरत अदाए
बिखरी हैं खुशबू तेरे अहसासो की इन दिलकश हवाओ में

पहली बार ऐसा हुआ हैं दिल का ये जो ऐसी आलम हैं
बढ़ रही मदहोशी दिल में तेरे मोहब्बत की खुमार जो चढ़ा हैं
कर रही कोई साज़िश या तेरे दिल को छूकर आयी हैं ये हवाएं की...
बिखरी हैं खुशबू तेरे अहसासो की इन दिलकश हवाओ में

दोष मैं किसको दू सनम तुम्हे या इन गुस्ताख़ हवाओ को
जो अपने संग उड़ा लेजा रही हैं मेरे सर की आँचल को
छीन कर चैन दिल की भर रही हया मेरी इन आँखों में 
बिखरी हैं खुशबू तेरे अहसासो की इन दिलकश हवाओ में

जाने क्या असर हैं तेरी बातो का जिसे सोच कर होंठ मुस्कुराती रहती हैं
तेरे अहसासो की कयी तराने बुन कर दिल हर पल गुनगुनाती रहती हैं
क्या राज़ होती हैं तेरे ऊन गहरी आँखों में कभी बता जाओ फुरसत में
जो बिखरी हैं खुशबू तेरे अहसासो की इन दिलकश हवाओ में

लगता तुम्ही से सिखे हैं छेड़खानी करना ये बैरन हवा के झोंके
जिस से तुम छोड़ते नहीं किसी शरारत की कोई भी मौक़े
हर बात से मेरी दिल जीत लेना आती कहाँ से ये तुम्हे अदाए
बिखरी हैं खुशबू तेरी मोहब्बत की नैना  इन दिलकश हवाओ में....!!
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नैना.....✍️✍️✍️💞💞