मेरे जन्म के समय जिसे
 सबसे ज्यादा ख़ुशी हुई 
वो पापा ही हैं
सबसे पहले जिसने मुझें 
अपनी बाहों में उठाया और चूमा 
वो पापा ही हैं
मेरी नन्ही परी कहकर जिसने 
पहली बार अपने सीने से लगाया 
वो पापा ही हैं
मेरी हर छोटी - बड़ी 
खुशियों का समय पर ध्यान रखा 
वो पापा ही हैं 
ऊँगली पकड़ कर चलना सीखाया 
उठना,बैठना ,बोलना सीखाया 
वो पापा ही हैं
खुद खाने बैठें अपने हाथों से 
एक निवाला मुझें खिलाया 
वो पापा ही हैं
कभी जब बिजली कट गई 
रात भर मम्मी के साथ मिल 
हाथ का पंखा हिलाया ताकि मैं सो सकू 
वो पापा ही हैं
मेरे साथ हर वक्त हर जगह जाना 
मुझें सुरक्षित महसूस कराया 
वो पापा ही हैं 
मुझें प्यार से गिल्लू बुलाना 
कभी प्रधान जी कभी गोलू सिंह 
रोज़ नये- नये नामो से बुलाया 
वो पापा ही हैं
जब मैं बड़ी हुई मेरी शादी की 
सारी शॉपिंग मेरे साथ मिलकर कराना 
मेरी विदाई के समय मुझें बाहों में भर 
फूट - फूट कर रोये मुझें भी खूब रूलाया 
वो पापा ही हैं 
अब भी रोज फोन कर - करके मुझें बुलाना 
मिलने जाने पर रुकने की जिद करना
वो पापा ही हैं
साथ खाना ,सोना ,उठना ,बैठना और 
जब मैं ससुराल के लिए निकलूँ तो 
जोर जोर से रोकर मुझें भी रुलाना 
वो पापा ही हैं 

" मेरे प्यारे - प्यारे पापा ,सब जग से न्यारे पापा "
       ..........@ नेहा धामा " विजेता "