न मौसम बहारों का...
न मौजों की रवानी है!
तेरी- मेरी कहानी है क्या ,
एक अधूरी कहानी है !
तेरी -मेरी कहानी है क्या ,
एक अधूरी कहानी !
जन्मों से भटकता हुआ..
टकराया तुमसे प्यार मेरा !
मुक्त जिस्मानी बंधन से..
ये मोहब्बत रूहानी है !
तेरी-मेरी कहानी है क्या ?
एक अधूरी कहानी है !
न ख्वाबों का है आसमां...
न जमीं है हकीकत की !
किस्मत से हमको मिला...
बरसता आंखों का पानी है !
तेरी-मेरी कहानी है क्या ,
एक अधूरी कहानी है !
न कश्मे , न वादें है...
न भूल जाने के इरादें हैं !
करके दुआ एक दूजे के हक में..
ये मोहब्बत निभानी है !
तेरी-मेरी कहानी है क्या?
एक अधूरी कहानी है !
....✍️पिंकी मिश्रा
भागलपुर बिहार

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