विदाई होती है दुखदायी
माता पिता आँखों में आंसू लिए
कहते हैं ये विदाई सुखदायक
एक सुखी परिवार हो
पलाश सी खुशियाँ झरे
आँगन के हर कोने में
हर ख्वाब तुम्हारे पूरे हो
कर्तव्य के पथ पर बढ़ते चलो
माता पिता आँखों में आंसू लिए
कहते है ये विदाई सुखदायक
नई डगर नई मंज़िल देती ये विदाई
थोड़ी सी नादानी थोड़ा सा प्यार
देता एक नया जहाँ,एक नया आसमाँ
बीते हुए लम्हों को आँचल में समेटे
खट्ठे मीठे पलों को मुस्कान बनाए
हँसना हँसाना सहेली बन जाना
याद आएगा हमसे मिला विछोह
बना लेना उसे मजबूती अपनी
माता पिता आँखों में आंसू लिए
कहते है ये विदाई सुखदायक
नहीं है ये विदाई दिलों का बिछड़ना
संग खड़े हैं हमेशा तुम्हारे
आँखों का तारा लबों की मुस्कान
कैसे खोने देंगे बचपन ये तुम्हारा
एक नहीं दो दो घर हैं तुम्हारे
फूलों की खुशबू सी हो तुम
हमारे घर हमारे दिल की रौनक
प्यार मनुहार घर की बहार तुम
माता पिता आँखों में आंसू लिए
कहते है ये विदाई सुखदायक
आरती झा(स्वरचित व मौलिक)
दिल्ली
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