एक चांद का टुकड़ा प्यार में
मुझको फंसा लिया. ‌..
मैं उसके दीवानगी में
बावला हो गया
वह हुस्न की परी
जलवे दिखा कर चली गई
मैं उसके इश्क में
दीवाना हो गया
मुझे पता ना था यारो
मुझे फंसाकर चली गई
आज मैं भिखारी हो गया
पैसे थे पास में अनगिनत आ गई
मुझे अपने जाल में फंसा कर
अपने काम निकाल कर चलीग‌ई
मैं उसके इश्क में फिसलता चला 
गया मुझे ना पता था वह अपने जाल में फंसा कर चली गई।............
वह मुझसे नहीं मेरे दौलत से प्यार करती थी पैसा था तब तक साथ रही
आज मेरे साथ परसों किसी और के साथ दिखी।......... 
पिता के डांट खा रहा मुझे ना पता था
पिता की नसीहत आज सही दिख रहा।........ 
कैसे मैं फंस गया प्यार के चक्कर में
आजकल के फर्जी रिश्तो के चक्कर में। हर जगह धोखा मिला कॉलेज या ऑफिस में अब समझ आया चालू लड़कियों के चक्कर ।.... ‌‌.....

कॉलेज में मीठी बातें करके परीक्षा में
सवालों के उत्तर पूछती अपनी अदाओं से दीवाना बनाकर
परीक्षा में अच्छे अंक लाती
घर में पिता के फटकार खा रहा
लड़कियों के चक्कर  आवारा हो
गया। चालू लड़कियों के चक्कर में
दिल टूट गया    हर जगह दिल फेक लड़कियों ने प्यार में फंसा कर
मीठी बातें करके उल्लू बना कर चली गई।...... ‌‌
सपना कुमारी 
जहानाबाद बिहार