आ जाओ ना अंतिम बुलावा आया है,
आत्मा से परमात्मा के मिलन होगी ,
जिंदगी भर रब से मिलने की दुआ करता रहा.....
मिलन की घड़ी है अब आ जाओ ना
अंतिम समय में तू क्यों घबराता है
पृथ्वी लोक से स्वर्ग लोक न्यारी है
आत्मा से परमात्मा के मिलने के 
अब  घड़ी आई है......
स्वर्ग लोक से पृथ्वी ही प्यारी है
जिंदगी भर परमात्मा को याद किया
मोह माया के चक्कर में फंसा
सारे कुटुम परिजन तो यहीं पर हैं
पृथ्वी  पर   ही तो    जन्म  लिया
पृथ्वी माता ही  तो प्यारी है
पाप -पुण्य का  का लेखा-जोखा होगा
स्वर्ग लोक से पृथ्वी लोक प्यारी है
हे  मनुष्य अब अंत समय आया है
    मोह   माया के बंधन को छोड़ो
आत्मा से परमात्मा की मिलने 
अब तो घड़ी आई है........
धन-संपत्ति की माया छोड़ो
प्रभु से मिलने की बारी आई है
पुत्र मोह से स्नेह को तोड़ो 
अब  मुक्ति की बारी आई है
हे यमदूत ईश्वर से माता-पिता का रिश्ता धरती पर मेरे पूजनीय माता पिता ही ईश्वर के सम्मान है
स्वर्ग लोक से पृथ्वीलोक ही मुझे प्यारी है...............
मोह माया बंधन को छोड़ो
हे मनुष्य तेरा अंत समय आया है
आत्मा से परमात्मा के मिलन होगी
अब अंत समय में तू क्यों घबराता है

सपना कुमारी जहानाबाद बिहार