अतीत चलता है हमारे साथ साथ हाथ पकड़ कर रखते हैं.l
माता-पिता जीते हैं बचपन और वर्तमान में हमारे बच्चे पकडते हैं हमारा हाथ।
बचपन की यादें और वर्तमान का सफर चलते हैं दोनों साथ साथ।
अतीत की मधुर यादें रह जाती हैं साथ हर पल देते हैं जीने का संबल।
वर्तमान को बनाती हैं मधुर सुखमय और प्रेम पूर्ण।
अतीत और वर्तमान दोनों चलते हैं साथ साथ और हम बुनते हैं सपने भविष्य के।
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित सर्वाधिकार युक्त
डॉ आशा श्रीवास्तव जबलपुर

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