मानव कर्म हमेशा जीवन में प्रधान होते।
कर्मों के आधार से ही भविष्य तय होते।।
कर्म बिना इस दुनिया में फल कहां मिलता है।
बिना पेड़ लगाए फूल कभी नही खिलता है।।
कर्म हमारे जीवन उन्नति की प्रमुख निशानी है।
जिन्होंने सत्कर्म किए दुनिया उनकी दीवानी है।।
वैसे ही हम को मिलता जैसा हम बोते।
कर्मों के आधार से ही भविष्य तय होते।।
जीवन पथ की कर्म ही वह प्रमुख है रेखा।
उसी से जीवन में स्थान सभी का तय होता।।
कर्म करें अच्छे मन से फल भी अच्छा होगा।
जिसने जैसा कर्म किया वैसा ही फल भोगा।।
कभी-कभी ईर्ष्या में ही अपना सब कुछ खोते।
कर्मों के आधार से ही भविष्य हमारे तय होते।।
नाम - विक्रांत चम्बली
पता - ग्वालियर (मध्य प्रदेश)

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