ओ मेरे नंदलाला मेरे नंदकिशोर 
जल्दी से दे दो दर्शन वरना हो जाएगी भोर

राधा प्यारी तुझे बुलाए 
सबके हिय को तू हर्षाए 
मीरा के प्रभु गिरधर नागर 
इस जगत मे तू कहलाए 
ओ मेरे मनमोहन ओ मेरे चित चोर
जल्दी से दे दो दर्शन वरना हो जाएगी भोर

गीता का उपदेश दिया प्रभु 
जीवन का सन्देश दिया प्रभु 
प्रेम का तुमने मार्ग दिखाकर 
प्रेम का सब मे निवेश किया प्रभु 
ओ मेरे कान्हा ओ मेरे रणछोर 
जल्दी से दे दो दर्शन वरना हो जाएगी भोर

गोपियों के संग रास रचाया 
द्रोपदी का भी लाज बचाया 
मिट्टी खाकर तुमने प्रभुवर 
मैया को ब्रह्माण्ड दिखाया 
ओ मेरे श्री कृष्णा तेरी महिमा चारों ओर 
जल्दी से दे दो दर्शन वरना हो जाएगी भोर

कंस का तुमने नाश किया प्रभु 
जरासंघ को भी मार दिया प्रभु 
पापी दुराचारी दुरात्मा सबका 
पल भर मे संहार किया प्रभु 
ओ मेरे राधा प्यारे तुझसे बंधी एक  डोर 
जल्दी से दे दर्शन वरना हो जाएगी भोर

आपका मुकेश लखनवी