जहाँ तु मुस्कुरा दे ,वहीं जिन्दगी जीने की चाहत बढ़ जाती हैं।
गम भरी इस दुनिया में दिल की रूकी धडकनें भी चल जाती हैं। 

पेड़ पानी देते आक्सीजन ,पर जीने की वजह तुम हो।
देखता हूँ तेरा चेहरा , मेरी पहली सूरज की किरण तुम हो। 

फूल महका करते है ,पर मुस्कुराने की वजह तुम हो।
महकती है सारी फिजा,मेरे आगंन को महकाने वाली तुम हो।

खुशियों से खिलती जिंदगी क्योंकि मेरे पास तुम हो।
खुशियों भरी जिंदगी की नीवं मेरी हमसफर तुम हो। 

हर खुशी तुमसे ही मेरी मेरी प्रीत की डोर तुम हो।
खुदा से अब क्या मांगु मेरी चाहत अरमान तुम हो।


नीलम गुप्ता (नजरिया)