🍁हरी भरी है वसुन्धरा,
सावन के हैं  गीत।🌳
मन मे नई उमंग लिए
🥀आई हरियाली तीज।🌸

🌻रिमझिम पावस की बूंदे,
और मेघों का मल्हार।🌱
मन में अपार प्रेम छिपाये
🌷गोरी करे  सोलह श्रृंगार।🌺

🍁हरी हरी चुनरी🦋
चूड़ी हरी जड़ाऊ दार।
हरी मेहदी से हाथ सजाए,
 🦋हरी बिंदिया की चमकार।☘️

🌲 पूजा करती है शिव जी की,🍀
🥀चढ़ाएं बेलपत्र,दूध,जलधार।
 ☘️सुहाग बनाये रखना प्रभु जी,🌹
🌺रखना खुश हाल मेरा परिवार।🌲

🌺सारी सखियाँ झूले झूला,
हंसी ठिठोली करके।☘️
घेवर मठरी और मिठाई,
🥀खाएं जी भर-भर के।🌳

🌹तन हर्षित ,मन हर्षित,
🌺हर्षित बेला का हार,🌴
🌳रूप यौवना को लजाये।🌹
🌹साजन का प्रणय मनुहार।🌺

🌹 आप सभी को हरियाली तीज की हार्दिक 🌹शुभकामनाएं🍀🍀🌳🌳🌲🌱🍃🌿🌾

स्नेहलता पाण्डेय 'स्नेह'