अहम् को होता है वहम
वही है बस राजा 
सारी दुनिया पीछे भागे 
सब है मेरी प्रजा ।

जी जी कर के पीछे घूमे 
मैं सबको नाच नचाऊं
 कोई ना मेरे आगे बोले
 जो चाहे कर जाऊं

 स्वार्थ मेरा बढ़ता जाए
 रिश्ते नाते मोल ना पाए 
मैं मैं करते सब कुछ खोया
 वही काटा जो मैंने बोया।

 अहंकार ने कई मारे 
रावण जैसे ज्ञाता ,
कंस ,कुंभकरण थे अहंकारी 
कोई ना गुण उनके गाता ।

अहम् का वहम दूर करो 
अपनों को अपना बनाओ ,
मैं ,मेरी को छोड़ के पीछे 
सब के संग कदम आगे बढ़ाओ।