मौसम बडा सुहाना है,हुआ दिल दीवाना है,
आ जा अब तो लग जा गले,ना सोच कहता क्या जमाना है!
मिलना फिर बिछड़ना,जीवन की रीत निराली है,
सब कुछ पा लो जीवन मे, पर जाना सबको खाली है!
ना सोच कि ये सिर्फ कहानी तेरी मेरी है,
सारे जग का एक यही अफसाना है!
तुझसे मिलना उसकी रहमतो का असर है,
तुझसे है प्यार कितना,तू इस बात से क्यू बेखबर है!
मिलकर साथ चलेंगे उस राह पर,सफर जो अनजाना है!
आ जा अब तो गले लग जा,ना सोच कहता क्या जमाना है!
क्यूंकि मौसम बडा सुहाना है!
श्वेता अरोडा

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