गोरी सुंदर सुशील हो , 
सब के मन से मेल हो, 
मीठी सी हो बोली, 
सब से करती रहे हंसी ठीठोली, 
जैसे मैंगो बाइट की गोली, 
पैर फैलाए  उतना जितना पैसे हो जेब मे, 
सुबह कड़क वाली चाय पिलाए, 
खाने मे रोज कुछ नया बनाए, 
सुख दुःख मे दे साथ वो, 
रखे हर बात का मान वो, 
बस छोटी सी है अर्जी, 
पुरी कर दो मर्जी, 
सर पर सज  जाए सेहरा, 
हम पर भी लग जाए लुगाई का पेहरा
हे........ प्रभु..........