देखा है लड़ाई के बाद सभी ने
उजड़ते चमन को
देखा है लड़ाई के बाद सभी ने
राह तकती ममता को
देखा है लड़ाई के बाद सभी ने
ढलती उम्र में जिम्मेदारियों का बोझ ढोते कंधों को
देखा है लड़ाई के बाद सभी ने
तरसते बचपन को
देखा है लड़ाई के बाद सभी ने
सूनी सी मांग को
देखा है लड़ाई के बाद सभी ने
वीरान सी खामोशी को
देखा है लड़ाई के बाद सभी ने
अधूरे छूटे सपनों को
फिर क्यूं होती हैं ये लड़ाइयां
जिनको जीतने के बाद भी होती है हार।।
कविता गौतम✍️

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