💐ॐ गणेशाय नमः💐

अब कुछ भी हो जाऐ मै नही घबराऊँगी।
गिर कर उठुगी फिर से, मै नही शरमाऊँगी। ।

कल था तेरा आज है मेरा जीत कर दिखलाऊँगी। 
हौंसले के साथ पंख खोल कर दिखलाऊँगी।।

बहुत रह ली पिंजरे मे , अब नही रह पाऊँगी।
खुले आसमान मे मै उड़ान भर कर दिखलाऊँगी ।।

घर मे कैद करली बहुत, मै आज की नारी हु।
करेगा जो जुल्म कोई, मै नही  सह पाऊँगी।।

कर दिया है मुश्किल सब ने  नारी का जिना यहा।
बदलुगी इस सोच को मै जित कर दिखलाऊँगी।।

नारी माँ है नारी बहन है नारी से संसार है ।
फिर क्यु देनी पड़ती पल _पल नारी को ही जान है ।।

नारी नही तो कुछ ना होगा, नारी का सम्मान करो ।
जन्म दिआ है जिसने तुमको उसका ना अपमान करो।।

जब जब नारी पर जुर्म हुआ है तब तब परले आई है ।
नारी के सम्मान को लेकर कितनी गाथाऐ आई है।

सब कुछ तुम को मिल जाएगा बस मन मे ये ठान लवो ।
अपनी माँ के चरनो मे बस एक बार प्रणाम करो।।

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                  रितु शर्मा