आसमान पे गरज रहा है बादल
घिर कर आयी ये काली घटा
हलचल सी मची है फिज़ाओ मे देखो
लगता है होने वाली है आज जम के बरसात...!!
बागों में खिली कलिया अपनी खुशबू बिखेर रही
बहारों में उड़ती ये तितलियाँ अपनी रंगत बिखेर रही
गारही है कोयल सुरमय दिल के फ़साना कोई
लगता है होने वाली है आज जम के बरसात....!!
जाने क्या कह रही उड़ती हुई ज़ुल्फ़े हमारी
कानो से गालो तक कुछ पैगाम है देरही
कह रहा हो बहती मदहोश हवाये जैसे
दिल में महसूस होने वाला हो कोई नया अहसास...!!
जाने अचानक ये नूर कैसी इन फूलो पर निखर है आयी
किसी के महकती साँसो की खुशबू मेरी साँसो तक है सामायी
खिल रही चेहरा खुशी से कभी होजाती है कुछ मायूस सी
लगता है होने वाली है आज जम के बरसात.....!!
कैसी ये बाँवरापन है इस दिल के अहसासों का
कभी सुकून तो कभी बेचैन सी है ये धड़कन होरही
समेट लो अपनी इन अहसासों को धड़कन में नैना
लगता है होने वाली है सच में आज कोई प्यार के बरसात..!!
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नैना...✍️✍️💗
(काल्पनिक....✍️)

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