लीला तेरी कही ना जाए,महिमा तेरी अपरंपार
वो सृष्टि को रचने वाला प्रभु, वो है सबका पालनहार!
विकट परिस्थिति हो या कष्ट घनेरा,
छोडा ना कभी तूने हाथ मां मेरा!
तुच्छ है भक्ति मेरी,पर कृपा तेरी बडी विराट,
तेरा नाम जपने वाले के देखे है निराले ठाट!
तू दयावान मां मेरी,मै मूर्ख इंसान,
झोलियां हमेशा भरती खुशियो से मेरी,इचछा मेरी जान!
लक्ष्मी,काली,सरस्वती,तीनो एक रूप मे विराजे,
झंडेवाली मां कहलावे,झंडे तेरे भवन मे साजे!
कर देना सारी गलती मां मेरी,तज देना मेरे सभी विकार,
हाथ पकड कर मेरा मां,कर देना मुझे भव से पार,
क्यूंकि तू ही है सिर्फ तू ही है मेरी पालनहार!
श्वेता अरोडा

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