झूला लगे  लगे कदंब की डाली झूले कृष्ण मुरारी ना !"
एक ओर झूले कृष्ण मुरारी, एक ओर राधे प्यारी ना !"
सखियों हाथ में डोरी शोभे,मंद सखी मुस्काये!"
एक नजर से देखते कान्हा को बरबस मुस्काये !"
नैना है कजरारी ना ..
झूला लगे कदंब की डाली झूले कृष्ण मुरारी ना !" 
सुन सखियाँ मानो बतिया ,अब बोले राधा प्यारी !"
डालो ना डोरे कान्हा पर ,मानो बात हमारी !" 
जियरा जर गये म्हारी ना..
झूला लगे कदंब की डाली झूले कृष्ण मुरारी ना!!




 की डाली झूले कृष्ण मुरारी ना