भारत माँ के लाल,
वीर सपूत अटल बिहारी,
भीष्म पितामह सदृश,
व्यक्तित्व आपका,

शांति और सद्भावना का,
दिया संदेश जन जन को,
भारतीय संस्कृति के समर्थक,
साहित्य जगत में है उनका नाम,

हृदय से उद्भव होते विचार,
वाणी जिनकी ओजस्वी,
सरस्वती बिराजी कंठ में,
काव्य जिनके कर देते मंत्रमुग्ध,

भारत रत्न और पद्मविभूषण,
उपाधी से सम्मानित,
सर बुलन्दियों से भरा था,
उनका राजनीतिक जीवन,

अटल थे अटल रहे जीवन में,
कर्त्तव्य पथ पर वो अपने,
देश की खातिर कर दिए,
न्यौछावर अपने प्राण ।

   काव्य रचना-रजनी कटारे
       जबलपुर (म.प्र.)