आज पूछती हूं मैं कुछ धर्म के ठेकेदारों से
एक भूमि पर जन्म लिया तब बंटवारा क्यों
क्या सूरज की किरणे बांट तुम सकते हो?
क्या चांद को अपना कह डांट तुम सकते हो?
जब मिले प्रकाश बराबर तब बंटवारा क्यों?
एक भूमि पर जन्म लिया तब बंटवारा क्यों?
क्या तुमने कभी पर्वत को झुकते देखा है?
क्या सागर में धर्म जाति को पलते देखा है?
हर नदी का पानी पीते हो तब बंटवारा क्यों?
एक भूमि पर जन्म लिया तब बंटवारा क्यों?
क्या फूलों की महक धर्म और जाति देखती?
क्या तारों की चमक कोई संप्रदाय पूछती? 
सब खाते हैं फल पेड़ों के तब बंटवारा क्यों?
एक भूमि पर जन्म लिया तब बंटवारा क्यों?

संगीता शर्मा