अगर है किसी से मोहब्बत 
जताना        आना चाहिए 

पानी है अगर जन्नत तो पहले 
मर जाना         आना चाहिए 

हरपल कोई खुश रहे मुमकिन कहाँ
जो यार रूठे मनाना आना चाहिए 

मोहब्बत की वैसे तो शर्तें नहीं कोई
इश्क दरिया है आग का,    डूब के जाना आना चाहिए 

सिकन्दर है हर कोई      अपनी जंग का
बात दिलबर की हो जो, झुक जाना आना चाहिए 

मोहब्बत को ही ख़ुदा मान बैठे जो
फिर उसे सज़दा भी आना चाहिए

              -----दीपक कुमार