तब होगी मन में हरियाली
जब मन का कोना होगा चिंताओं से खाली 
जब दिल और दिमाग साथ बजाय ताली
 जब मुस्कान अपनी खुद की ना लगे जाली
 तब होगी मन में हरियाली।।।।।।।
 किसी गरीब के घर में दीप जला दो
 किसी अपाहिज की थोड़ी मदद करा दो
 चाहे ना घंटे घड़ियाल बजाना
 किसी भूखे को खिलाओ भरकर थाली 
तब होगी मन में हरियाली,।।।।।।
 जब निरक्षर ना होगा कोई यहां
 जब देश सेवा का जज्बा होगा यहां
 जब बच्चा बच्चा भरे हुंकारा
 सैनिक भी मनाए होली दिवाली
 तब होगी मन में हरियाली।।।।
 जब नारी होगी पूर्ण सशक्त
जब अंधविश्वास से होगा देशमुकत
 तब आशाओं की बजे बांसुरी
 दिल की बगिया का झूमे माली 
तब होगी मन में हरियाली।।।।।
 स्वरचित सीमा कौशल यमुनानगर हरियाणा