देश पर मर मिटे जो वीर उनकी स्मृतियों का दिन है आया
 गौरव गान करें हम सब उनके बलिदानी जीवन का।
रखा जीवन हथेली पर हुए न्योछावर राष्ट्र पर
शहीदों की भूमि पर सुखद रहे वास हम सबका।
 रही पल-पल सदा करते तिलक इस माटी का
रहा लिपटा तिरंगे में निष्प्राण तन उनका।
 स्वास स्वास जीवन में राष्ट्रहित था ध्येय उनका
जिए भारत की भूमि पर मरे माँ भारती का अंक था।
सदा जयकार कार हो उनकी रहे सुरक्षित यश  उनका 
यशोगाथा हो अंकित सबके स्मृति पटल पर
करी भावांजलि निशदिन रहे वागीश्वरी वर यह अक्षय स्मृति कोष हो सबका