ये बारिशों की खामोशी कुछ अधूरे कुछ पूरे, ख्वाबों के ताने-बाने सुन सको तो सुनो!!
बिरह की लाखों कहानियां लिए आती ये बादल, झूलों पर बच्चों की किलकारियां सुन सको तो सुनो!!
मोतीयों सी माला पिरोये ,श्याम के प्रेम रंग में रंगी मीरा के भाव को सुन सको तो सुनो!!
वो बागों में पंछीयों की अठखेलियां, रंग-बिरंगी फूलों की खुशबूओं से महकती ये वादियां सुन सको तो सुनो!!
गीता की ज्ञान राम की सीता सी ,श्याम और रूक्मिणी की मिलन भाव को सुन सको तो सुनो!!
राह में भटके राहगीरों को रास्ता मिल जाने की खुशी, मां-बहनों की दिल से निकली दुआओं की अर्जी सुन सको तो सुनो!!
प्रीति वर्मा


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