ऊँ नमःशिवाय जाप का ।
भाँग आज सभी ने पीली।
भोला बाबा और गौरी माता की।
शादी में सब भक्त जन की आँखे ।
खुशी से झूम हो गयी गीली।
आज हुआ उद्धार इस पृथ्वी पर। 
जब शिवगौरी माता का मिलन हुआ। 
उनके पुत्र कार्तिकेय द्वारा जब ।
तारकासुर का नाश हुआ।
चंदा शीश विराजे भोले के। 
गौरी बैठी मेहंदी हाथों में सजाए।
भूत प्रेत सब नाचन लागे।
लगा भाँग प्रभु के नाम की लगाए।
विभूति में नहाकर भोले ।
पहुँचे गौरी के द्वार। 
डरे जन जन देख रूप अनोखा।
जब देखा गले में कालिया नाग।
गौरी ने जब की प्रार्थना ।
भोले ने बदला अपना स्वरूप। 
निहाल हुए फिर जन जन  
देख अलौकिक उनका रूप। 
मिलन हुआ जब इसी।
अनन्त जोड़ी का।
जन्मजन्मांतर तक याद करें सब।
इस दिन की अद्भुत लीला का। 

नीलम गुप्ता (नजरिया)