दोस्ती का रिश्ता,
भरोसे का होता...।,❤
अपनों को जो नहीं बताते,
दोस्तों से वो नहीं छुपाते....।
जिंदगी के हर मोड़ पर,
एक नया दोस्त मिला
जो दिल अभी तक नहीं भूला.....।
लिख रही हूं मैं दोस्तों की कहानी,
कुछ है बचपन के दोस्त
कुछ नए दोस्तों की कहानी......।
बचपन की दोस्ती को,
कभी भुला ना पाई
कुछ दोस्तों ने दोस्ती
अभी तक निभाई......।
बचपन की दोस्ती में ,
थी इतनी गहराई
पुरा ना कर सकता
कोई इसकी भरपाई.....।
जो आज भी मिल जाते हैं,
गुजरा वक्त वापस आ जाते हैं
गुजरा बचपन गुजरी वो शाम
आगे की सुनाती हूं दास्तान......।
दोस्त मिले कुछ ऐसे,
जो अब तक है याद
कुछ थे दूर कुछ थे पास
जो थे दूर वो आंखो के थे नूर
जो थे पास वो थे बहुत खास.....।
ना हो जिंदगी में दोस्तों की,
हंसी ठिठोली
जिंदगी लगती है ऐसे
जैसे बिना रंगो की होली.......।
दुखती रगों पे जो देता राहत,
ये सिर्फ दोस्तों की होती है चाहत
दोस्तों की अदा कुछ होते हैं ऐसे
सॉरी थैंक यू बोलो तो बुरा मान जाते....।
जिंदगी के सफर में,
कुछ दोस्त पीछे छूट गए
इतनी गहरी थी दोस्ती
दुनिया है गोल यह कहकर
मुझे ढूंढ लिए.......।
कहते हैं सच्चा दोस्त मिल जाए,
तो जिंदगी हो जाती है आसान
जो देते हैं हमें एक नई पहचान
ये दोस्त होते हैं हमारी शान.......।
मैं भी अपने दिल में,
2 घर बना रखी हूँ
एक में सारे रिश्ते हैं
दूसरे में दोस्तों को
बैठा रखी हूँ.......।
कहते हैं दोस्ती का रिश्ता होता है खास,
मुझे तो रिश्तों में भी दोस्त हैं कुछ खास
मेरे दोस्त आज भी तेरी बातें दिल को छू जाती
जब मैं बोलती थी" मैं ठीक हूं"
आंखें पढ़ कर तू मुझे गले लगाती.....।
ए मेरे नायाब दोस्त ,
रहना हमेशा मेरे साथ
कोई एक दिन नहीं बना है
तेरे लिए तुम तो हर दिन
मेरे दिल पे करते हो राज.....।
मेरे दोस्त आज करना होगा,
तुम्हें एक वादा
जो होगई मैं तुमसे जुदा
मुझे मेरे दोस्त हँसते हुए
अच्छे लगते हैं इसलिए
हँसकर करना मुझे विदा....।
जाते-जाते सुना रही हूँ ,
एक गाना
तेरे जैसा यार कहाँ
कहाँ ऐसा याराना....।
(दोस्तों की कहानी मेरी जुबानी)ऋचा✍✍
का रिश्ता,
भरोसे का होता...।,❤
अपनों को जो नहीं बताते,
दोस्तों से वो नहीं छुपाते....।
जिंदगी के हर मोड़ पर,
एक नया दोस्त मिला
जो दिल अभी तक नहीं भूला.....।
लिख रही हूं मैं दोस्तों की कहानी,
कुछ है बचपन के दोस्त
कुछ नए दोस्तों की कहानी......।
बचपन की दोस्ती को,
कभी भुला ना पाई
कुछ दोस्तों ने दोस्ती
अभी तक निभाई......।
बचपन की दोस्ती में ,
थी इतनी गहराई
पुरा ना कर सकता
कोई इसकी भरपाई.....।
जो आज भी मिल जाते हैं,
गुजरा वक्त वापस आ जाते हैं
गुजरा बचपन गुजरी वो शाम
आगे की सुनाती हूं दास्तान......।
दोस्त मिले कुछ ऐसे,
जो अब तक है याद
कुछ थे दूर कुछ थे पास
जो थे दूर वो आंखो के थे नूर
जो थे पास वो थे बहुत खास.....।
ना हो जिंदगी में दोस्तों की,
हंसी ठिठोली
जिंदगी लगती है ऐसे
जैसे बिना रंगो की होली.......।
दुखती रगों पे जो देता राहत,
ये सिर्फ दोस्तों की होती है चाहत
दोस्तों की अदा कुछ होते हैं ऐसे
सॉरी थैंक यू बोलो तो बुरा मान जाते....।
जिंदगी के सफर में,
कुछ दोस्त पीछे छूट गए
इतनी गहरी थी दोस्ती
दुनिया है गोल यह कहकर
मुझे ढूंढ लिए.......।
कहते हैं सच्चा दोस्त मिल जाए,
तो जिंदगी हो जाती है आसान
जो देते हैं हमें एक नई पहचान
ये दोस्त होते हैं हमारी शान.......।
मैं भी अपने दिल में,
2 घर बना रखी हूँ
एक में सारे रिश्ते हैं
दूसरे में दोस्तों को
बैठा रखी हूँ.......।
कहते हैं दोस्ती का रिश्ता होता है खास,
मुझे तो रिश्तों में भी दोस्त हैं कुछ खास
मेरे दोस्त आज भी तेरी बातें दिल को छू जाती
जब मैं बोलती थी" मैं ठीक हूं"
आंखें पढ़ कर तू मुझे गले लगाती.....।
ए मेरे नायाब दोस्त ,
रहना हमेशा मेरे साथ
कोई एक दिन नहीं बना है
तेरे लिए तुम तो हर दिन
मेरे दिल पे करते हो राज.....।
मेरे दोस्त आज करना होगा,
तुम्हें एक वादा
जो होगई मैं तुमसे जुदा
मुझे मेरे दोस्त हँसते हुए
अच्छे लगते हैं इसलिए
हँसकर करना मुझे विदा....।
जाते-जाते सुना रही हूँ ,
एक गाना
तेरे जैसा यार कहाँ
कहाँ ऐसा याराना....।
(दोस्तों की कहानी मेरी जुबानी)ऋचा✍✍

0 टिप्पणियाँ