पिया बसंती रे काहे सताए आजा....हर किसी की प्रेमकहानी होती है!इसीलिए एक फौजी की भी प्रेमकहानी होती होगी!कितना मुश्किल होता होगा उसके लिए अपने प्यार को छोड़ कर फर्ज निभाना!हम हमारे प्यार के साथ रहें इसीलिए वो अपना प्यार छोड़ कर सरहद पर खड़े रहते हैं!ये कहानी है साँची और उसकी बेपनाह मुहोब्बत की जो उसे एक फौजी से हुई!
कश्मीर में रहने वाली साँची,गोरा रँग,नीली आँखे,भूरे बाल क्या रूप पाया था उसने!ऐसा लगता हो जैसे कश्मीर की सारी सुंदरता उसके ही रूप में बस गई हो आकर!पतला शरीर,लम्बा कद जब इतराती हुई चलती तो किसी हिरणी सी लगती!श्रीनगर की रहने वाली 18 साल की साँची बहुत ही खुशमिजाज और अपने हर सपने को जीने वाली थी!बचपन से ही अपने आसपास फौजियों को देखती रही थी क्योंकि कश्मीर जो एक खूबसूरत प्रचलित पर्यटन है लेकिन आतंकवाद नाम का दाग भी इस कश्मीर नाम के चाँद पर लगा हुआ है!एक फौजी का व्यक्तित्व हमेशा ही से उसे प्रभावित करता और जब भी उसकी सहेलियां उससे उसकी शादी के बारे में पूछती तो वो एक ही बात कहती,अगर मैं शादी करुँगी तो सिर्फ एक फौजी से वरना कभी नही करुँगी!उसकी सहेलियां भी मुस्कुरा कर कह देती ये फौजी तो परदेसी होते हैं,इनसे कभी दिल ना लगा बैठना साँची जी!अब वो वक्त आ गया था जब साँची की प्रेमकहानी शुरू होने वाली थी!
कश्मीर से कई किलोमीटर दूर राजस्थान के जयपुर में आज लेफ्टिनेंट मोहित तैयार हो रहा था,कश्मीर के लिए रवाना होने!पहले उसकी ड्यूटी जैसलमेर से लगी हुई पाकिस्तानी सीमा के पास ही थी!लेकिन अब जब उसका प्रमोशन हुआ है तो उसकी बदली भी कश्मीर में हो गई है!माँबाप की इकलौती संतान होने की वजह से उन्हें जहाँ एक तरफ खुशी है प्रमोशन की तो वहीं दूसरी ओर इस बात की चिंता भी है कि उनका बेटा उनसे इतनी दूर जा रहा है,वो भी एक ऐसे स्थान पर जहाँ आतंकवाद का सबसे ज्यादा खतरा है!मोहित की माँ श्रीमती सरला देवी जिनके पति भी फ़ौज से रिटायर्ड हैं,बहुत हिम्मत से तिलक करके मोहित को विदा करती है और उसे आशीर्वाद देती है कि हमेशा देश के सम्मान कि रक्षा करना!
मोहित भी अपने माँबाप से भारी मन से विदा लेकर चल पड़ता है अपने नए सफर की ओर,कश्मीर की हसीन वादियों में!गर्मी से अचानक ही इतने सर्द मौसम में आना मोहित के लिए ऐसा पहली बार हुआ था!इसीलिए पहले ही दिन तबियत खराब होने की वजह से उसने छुट्टी ले ली और सारा दिन अपने कमरे में आराम किया!शाम को दवाई ने अपना असर दिखाया और अब उसका मन हुआ कि क्यों ना थोड़ा बाहर जाकर कश्मीर की वादियों को ही निहारा जाए!ड्यूटी उसे वैसे भी अब कल से ही जाना था,ये सोचकर उसने टीशर्ट और लोवर पे ही गर्म चादर ओढ़ी और चल पढा बाहर घूमने!
अकेले-२ घूमते हुए वो काफी दूर निकल गया और तभी उसने देखा कि दो लड़कियाँ बेपरवाह सी उस ओर जा रही हैं जहाँ पर फौजियों की ड्यूटी है और जहाँ पर आम जनता का जाना बिल्कुल मना है!मोहित ने सुबह आते ही उस स्थान को देखा था तो वो अब अच्छे से जानता था उस स्थान को!
मोहित दौड़ कर उन दोनों लड़कियों के पास जाता है और कहता है आपको पता नही यहाँ जाना मना है?ऐसे ही मूहँ उठाए कहीं भी चली आएंगी क्या आप?
वो दोनों लड़कियां कोई ओर नही बल्कि साँची और उसकी सहेली परवीन!साँची अब उसे कहती है आपको इस बात से क्या,हम कहीं भी जाएं?
अब मोहित को उस पर गुस्सा आता है और वो कहता है बहुत हाजिरजवाब हैं आप,मैं आपके भले के लिए कह रहा हूँ और आप हैं कि मुझे ही सुना रही हैं!हद हो गई आजकल की लड़कियों की!
साँची भी कोई कम नही थी और कहती है हमने आपसे कहा क्या कि हमारा भला कीजिये?फिर क्यों हमारा रास्ता रोके खड़े हैं?हम्म मान ना मान मैं तेरा मेहमान ये कहकर साँची उसी समय अपनी सहेली परवीन के साथ वहाँ चली जाती है!मोहित उसे गुस्से में जाता हुआ देखता रहता है और खुद से ही बात करते हुए कहता है कोई नियम नही है,सभी को अंदर जाने दे रहे हैं!कल से मैं आता हूँ और तब देखता हूँ कि कैसे कोई मुझसे पूछे बिना भीतर प्रवेश करता है!ये कहकर वो वापिस अपने कमरे में चला जाता है और सो जाता है!
अगले दिन वो खुद को बिल्कुल स्वस्थ महसूस करता है और नहाकर तैयार हो जाता है!अब वो वहीं चला जाता है जहाँ पर सभी फौजी एक साथ खाना खाते हैं और उस स्थान पर किसी भी बाहरी का आना निषेध होता है!मोहित को डर है पता नही कश्मीर में खाना भी अच्छा मिलेगा या नही?लेकिन जैसे ही वो खाना खाता है तो बस उसका रोम-२ खुशी से खिल जाता है!मन में सोचता है इटना स्वादिष्ट खाना!सब कुछ उसे इतना पसन्द आता है कि वो जरूरत से ज्यादा ही खा लेता है!अब वो खाना खाकर जैसे ही उस ओर जाने लगता है जहाँ उसकी ड्यूटी लगी हुई है तो तभी उसकी टक्कर दूसरी ओर से आती साँची से हो जाती है!साँची जैसे ही मोहित से टकराती है तो उसे लगता है कि वो गिर जाएगी और इसी डर से वो अपनी आँखें भी बंद कर लेती है!गिर तो साँची जाती है कि तभी उसे महसूस होता है जैसे कोई ओर शख्स भी उसी के ऊपर गिर गया हो!वो आँखे खोलकर देखती है तो वो कोई ओर नही बल्कि मोहित ही होता है!दोनो की साँसे एक-दूसरे से टकरा रही है और नजरें भी नजरों से मिलती है!मोहित उसे करीब से देख रहा है तो उसकी धड़कनें भी बढ़ जाती है इतनी खूबसूरत लड़की को अपने इतने करीब देख कर!
तभी उसके कानों में आवाज पड़ती है उठिए!
अब भी मोहित उसी में खोया हुआ है कि साँची फिर से कहती है आप उठेंगे मेरे ऊपर से?
तभी मोहित को एहसास होता है कि वो पूरी तरह से साँची के ऊपर है और वो एक ही सेकंड में खड़ा हो जाता है!अब वो अकड़ कर साँची से पूछता है,आपको मैंने कल भी समझाया था ना कि ये आर्मी एरिया है और यहाँ आना निषेध है,आप आज भी चली आईं यहाँ क्यों?
साँची आज उसे एक फौजी की वर्दी में देख कर इतनी आकर्षित होती है कि बस बिना उसकी बात सुन ही उसमे खो चुकी थी!उसका लम्बा कद,चौड़ा सीना,गोरा रँग और गहरी भूरी आँखे उस पर उसकी लेफ्टिनेंट की वर्दी साँची के दिल को घायल कर गई थी!
हाँ,साँची को आज एक फौजी से मुहोब्बत हो गई थी!
ॐ नमःशिवाय
🙏🙏🙏🙏🙏

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