याद करके एक दिन दोस्तों को
हम मित्रता दिवस नहीं मना पाते हैं,
हम पूरब वाले हैं हम पश्चिम की
कहानियों को नहीं कह पाते हैं ।।।।।।।
दिलों में बसते हैं हमारे
बचपन के दोस्त आज तक
हमवो बचपन की मीठी यादें
आज भी नहीं भुला पाते हैं। ।।।।।
हम देते नहीं महंगें तोहफे
बस समोसा से ही खुश हो जाते हैं
मिलकर गले दोस्तों के
अपने सब गम भूल जाते हैं।।।।।।।
रिश्ते खून के ही नहीं
कई बार दोस्ती के भी होते हैं
जिस्म जान अलग हो भले ही
पर दिलों से जुड़े होते हैं। ।।।।।।।
कृष्ण सुदामा को लोग
यूं ही तो नहीं भूल पाते हैं ,
याद करके एक दिन दोस्तों को
हम मित्रता दिवस नहीं मना पाते हैं।।।।।।।।
हैप्पी फ्रेंडशिप डे उन दोस्तों को जो मुझे भूल चुके हैं।।।।।

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