जीविका के पिता को अपनी पुत्री की बहुत याद आती। वह उसे अपने पास बुलाना चाहते थे, कुछ दिन उसके साथ रहना चाहते थे परन्तु वह किसी से कुछ ना कह पाते। अपनी पुत्री की यादों में घूटते रहते। जीविका भी अपने पिताजी को बहुत याद करती परन्तु मन ही मन घबरा जाती और अपनी बात किसी से नहीं कह पाती। वह करण से बात तो करना चाहती थी, उसे अपने दिल की सारी पीड़ा व्यक्त कर देना चाहती थी परन्तु समझ नहीं पा रही थी की कैसे वह करण को सब कुछ बताये। उसने सोचा की वह आज रात में ही सब कुछ करण को बता देगी। रात को जब करण घर लौटा तो उसने कहा वह थक गया है, आराम करना चाहता है, सुबह बात करेंगे। सुबह जीविका ने जल्दी उठकर अपने सारे काम खत्म किए और फैसला किया की वह अभी सबसे बात करेगी। सब ब्रेकफास्ट के लिए आ गये। जीविका कुछ बोलती उससे पहले उसकी सास ने कहना शुरू किया। उन्होंने बताया की अभी कुछ दिनों पहले उनकी सहेली के बेटे का विवाह हुआ और उनका बेटा नई नवेली दुल्हन को लेकर विदेश घूमने चला गया। जीविका की सास ने भी अपने बेटे बहू को बाहर जाने की बात करण के पिताजी के सामने रखी। इससे उसके पिताजी भी सहमत हो गए। उन्होंने जीविका से तैयारी करने के लिए कहा। जीविका इस बात से काफी खुश हो गई, जैसे उसके तो दिल की मुराद ही पूरी हो गई। करण पहले तो काम के कारण जाना नहीं चाहता था किंतु पिताजी के कहने पर वह भी तैयार हो गया। दोनों की टिकट पेरिस की बुक कर दी गई। जीविका अति प्रसन्न दिख रही थी। करण भी उसको देखकर मुस्कुरा रहा था। जीविका ने पैकिंग शुरू कर दी और करण ने भी उसकी मदद की। तभी करण की माताजी वहाँ आईं और उन्होंने बताया की दो दिन बाद की फ्लाइट से उन दोनों का जाना तय हुआ है। उनका ट्रिप दो महीने का प्लान किया गया जिसमें करण को कुछ अपने बिजनेस के काम भी करने थे इसलिए ट्रिप कुछ लंबे समय का बनाया गया। जीविका ने सोचा कि वह लंबे समय के लिए बाहर जा रही है, एक बार पिताजी से मिल ले इसलिए वह परिवार से बात करके अपने पिताजी के पास चली गई। उसके पिताजी भी अपनी पुत्री की खुशी में खुश हो गए और उन्होंने चैन की सांस ली। एक दिन बाद ही जीविका मायके से वापस आ गई। जाने की तैयारी तो पहले ही हो गई थी। अगले दिन सुबह की फ्लाइट थी इसलिए सुबह जल्दी उठकर सब तैयार हो गए। जीविका के सास ससुर भी उन दोनों को एयरपोर्ट ड्राप करने साथ गए। जीविका की सास ने अपनी बहू को बाहर रहने के लिए काफी सारा सामान भी उसके साथ दिया ताकि बाहर जाकर उन दोनों को कोई दिक्कत ना हो। फ्लाइट का समय हो चला था। दोनों अपनी सीट पर बैठ गए थे। जीविका पहली बार फ्लाइट में सफर कर रही थी इससे काफी खुश नजर आ रही थी...।
क्रमशः अगले भाग में।

प्रिया धामा