मैं कितना भी भीड़ में रह लु
पर दिल को तेरी कमी खलती है
कितना भी खुदको उलझाए रख लु कही और
पर दिल को सिर्फ तेरा ही ख्याल रहता है
जाते जाते ओ परदेशी जाने क्या जादू कर गए
देखु कोई भी नज़ारा पर आँखों को सिर्फ तुही दिखता है
चाहे जितना भी नज़रअंदाज़ कर लु तुझसे
पर दिल को सिर्फ तेरा ही ख्याल रहता है
हो तुम पहले से मेरे कोई खास अपने या
मुझे अब कुछ खास अपनापन तुमसे होगया है
चाहु गर दूर रहना भी तुमसे तो रह नहीं पाती
दिल की हर धड़कन में तेरा अहसास होता है
जाने क्यूँ ढूंढ़ती है निगाहें तुम्हे हर आशियाने में
क्यूँ तुम्हे ही चुन लिया दिल ने अपने आशिकाने में
कितना भी जतन कर लु की दिल को सँभालने का
पर दिल को सिर्फ तेरा ही ख्याल रहता है
दिल को पता है बहुत मुश्किल है ये राह इश्क़ का
फिर भी मेरी न सुनकर निकल पढ़ा है इन राहो में
जाने किस मोड़ पर होजाए मुलाक़ात दिलदार से
हर पल दिल में नैना यही अहसास होता है
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नैना... ✍️💓

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