आओ सारी कसमे तोड़ दे
आओ सारी कसम तोड़ दें
 आओ झूठे बंधन तोड़ दें
 जन्मों का रिश्ता जो बना था कभी,
 उसे इसी जन्म में हम छोड़ दें।
 आओ सारी कसमे तोड़ दे।

 तुम खोए अपने ख्वाबों में
 मैं अपने ख्वाबों में हूं गुम,
 तुम तुम ना रहे मैं मैं ना रही
 जो रहते थे कभी बनके हम।
 आओ जिंदगी को एक नया मोड़ दे।
 आओ सारी कसमें तोड़ दें।

झूठे रिश्तो में फंसकर यारा
 खुद ने खुद को ही है मारा ,
स्वार्थ की बेल चढ़ गई है ऊपर 
हाय ,अपना सब कुछ यहीं है हारा।
 घटाकर उम्रअपनी जिंदगी में नया जोड़ दें ।
आओ सारी कसम तोड़ दें।
 स्वरचित सीमा कौशल
 यमुनानगर नगर हरियाणा