हे राम मेरे,हे राम तेरे बिन ना होते काम मेरे।
तु बिगाडी बनाता है मेरी तुम ने ही हरे सब कष्ट मेरे।।

मै मोह माया मे फसी हुई ना तेरा नाम ध्याती हु।
तुम ने दे करके शारण मुझे, है सारे कष्ट निवारे मेरे।।

मुझे तुझपे भरोसा है रघुवर ,इस लिए मै नाम धयाती हु।
तु हर संकट हर लेता है, तु दुर है करता कष्ट मेरे ।।

मुझको एक तेरा सहारा है, बेगाना ये जग सारा है।
जब जब भी मन मेरा डोला ,तुमने ही सवारे काम मेरे।।

कौई की मुसीबत आती है, पहले तुझसे टकराती है।
मेरी रक्षा करता है हर दम, मुझ पर है बहुत एहसान तेरे।।

हे राम मुझ पर दिया करो,मोह माया से मुझे दुर करो। 
एक तेरी शारण मे आने से कट जाएगे सब कष्ट मेरे।।

मेरे तन मन मे तेरा वास रहे, तु हर दम मेरे पास रहे। 
मै तुझको पूजती हु रघुवर,ऐसे ही निकले प्रान मेरे। ।

सब रिश्ते छोड़कर जाते है कहा हर दम साथ निभाते है। 
पर तुम ना छोड़ना साथ मेरा, रहना हर पल तु साथ मेरे। ।

कौई गलती हो जाए तो , मन मे दुभीदा आ जाए यो।
तुम मार्ग दर्शक बन जाना, सही कर देना सब कर्म मेरे।।
  लेखक  ऋतु शर्मा